लेखक वाणिज्य विषय में स्नातक है साथ ही श्रमिकों के कानून के विषय में भी स्नातकोत्तर तक अध्ययन किया है। घर-परिवार में धार्मिक वातावरण होनें से शालेय जीवन से ही गुरुचरित्र का पठन-पाठन किया है। अपनी पारिवारिक ज़िम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए तथा धर्मपत्नी की अनुमती लेकर कई वर्षों तक लगातार दत्तात्रय भगवान की चरणपादुका एवं योगसिद्धी स्थान, प्रसिद्ध श्री क्षेत्र गिरनार (गुजरात) में दर्शन लाभ प्राप्त किया है। सन् 2011 में लेखक ने नर्मदा परिक्रमा पूर्ण की है। उनचालीस पुष्पों का लेखन करने के पश्चात् उन्होंने उसे मोबाईल के माध्यम से प्रसारित किया। प्रसारित करने बाद उन्हें दुनियाभर से प्रोत्साहन मिला। नर्मदा परिक्रमा के इस लेखन में वहाँ के तत्कालीन परिस्थितियों का सूक्ष्म अध्ययन करते हुए आर्थिक, धार्मिक, सामाजिक परिस्थितियों की वास्तविकता के धरातल पर समग्र समीक्षा की है।
Author: Uday Nagnath | Publisher: MyMirror Publishing House | Language: Marathi | Binding: Paperback | No of Pages: 240